सुस्वागतम………
रविकुल धर्मेन्द्र की दिल की ज़मीं पर आपका हार्दिक अभिनन्दन ………………………………………. आप डाक श्रेणियों में प्रदर्शित, अपनी दिलचस्पी की विधा का रसास्वादन कर सकते हैं………………………………………… यहां प्रदर्शित कविताएं,गज़ल,शायरी आदि, हैं …………………………मैं किसी परीधी में बन्धकर लिखना पसन्द नहीं करता , मैं स्वछंद हो कर लिखता हूँ , जो सवाल मेरे मन को कचोटता है उन सवालों के हल खोजने की कोशिश करता हूँ ! ……………………………………………… आप यहां प्रदर्शित सामग्री का मनचाहा अव्यवसायिक प्रयोग करने के लिए स्वतंत्र हैं, बस एक सूचना की दरकार है ताकि यह नाचीज़ भी उसका लुत्फ़ उठा सके……….. आलोचनात्मक टिप्पणियों और संवाद का स्वागत है……………………………. इंटरनेट और ब्लोग तकनीक के मामले में, बंदे का हाथ जरा तंग है, कृपया कमियों को रेखांकित करें……………….. अपनी राय दें….राह सुझाएं……………….
Dharmendra Kumar Ravikul said,
अगस्त 13, 2009 at 8:02 पूर्वाह्न
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रविकुल धर्मेन्द्र की दिल की ज़मीं पर आपका हार्दिक अभिनन्दन ………………………………………. आप डाक श्रेणियों में प्रदर्शित, अपनी दिलचस्पी की विधा का रसास्वादन कर सकते हैं………………………………………… यहां प्रदर्शित कविताएं,गज़ल,शायरी आदि, हैं …………………………मैं किसी परीधी में बन्धकर लिखना पसन्द नहीं करता , मैं स्वछंद हो कर लिखता हूँ , जो सवाल मेरे मन को कचोटता है उन सवालों के हल खोजने की कोशिश करता हूँ ! ……………………………………………… आप यहां प्रदर्शित सामग्री का मनचाहा अव्यवसायिक प्रयोग करने के लिए स्वतंत्र हैं, बस एक सूचना की दरकार है ताकि यह नाचीज़ भी उसका लुत्फ़ उठा सके……….. आलोचनात्मक टिप्पणियों और संवाद का स्वागत है……………………………. इंटरनेट और ब्लोग तकनीक के मामले में, बंदे का हाथ जरा तंग है, कृपया कमियों को रेखांकित करें……………….. अपनी राय दें….राह सुझाएं……………….